Wednesday, October 6, 2021

किसान मसीहा की जयंती पर राजनैतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा

 










सिसौली में किसान जागृति दिवस पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के जन्मोत्सव समारोह में आए राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि किसान अपने इतिहास को समझें अपनी ताकत को पहचाने किसान ही बने रहे आपस में बंटे नहीं। उन्होंने यूपी की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।जयंत चौधरी ने कहा कि पहली बार लखीमपुर में ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला है उन्होंने कहा कि आंदोलन होते हैं कभी-कभी आंदोलन उग्र हो जाते हैं कभी टकराव भी होते हैं। लेकिन लखीमपुर में आंदोलन सरकार के खिलाफ था सरकार से मांग हो रही थी और सरकारी संरक्षण में गुंडे किसानों को रौंद रहे थे। जयंत चौधरी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि योगी जी को मंत्री के घर पर बुलडोजर चला देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने लिए सरकार के नियम कुछ और हैं। उन्होंने लखीमपुर जाते हुए विपक्षी दल के नेताओं की गिरफ्तारी को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोगों के जाने से स्थिति बिगड़ती नहीं बल्कि सुधरती है लोगों को विश्वास होता है कि उनके साथ भी कुछ लोग खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष को समाप्त करना चाहती है विपक्ष नहीं रहेगा तो लोकतंत्र नहीं रहेगा। आम जनता के मुद्दे कौन उठाएगा कौन सवाल पूछेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे किसी कश्मीर या नक्सल क्षेत्र के इलाके में हम आ गए हो, किसान को इन लोगों ने आतंकवादी बना दिया। मैं वहां होकर आया हूं, इंटरनेट बंद है, फोन बंद है। कहीं-कहीं जिले आसपास के प्रभावित हैं। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की जयंत चौधरी ने कहा कि कल प्रधानमंत्री लखनऊ में गए लेकिन एक शब्द नहीं बोले। उन्होंने कहा है ऐसे मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में नहीं रखा जाना चाहिए। लखीमपुर कांड के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर जयंत चौधरी ने कहा कि वहां की जनता तय करेगी कि क्या करना है हम सब साथ खड़े हैं। उन्होंने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जन्म तिथि को शुभ दिन बताते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर काफी प्रसन्नता हुई है। जिन्होंने किसानों के लिए संघर्ष खरा उनमें चौधरी चरण सिंह, चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत जैसे लोग शामिल हैं। किसानों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा रहा। 

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