मुजफ्फरनगर जिला पंचायत अध्यक्ष पद नयी सूची में किसके लिए रहेगा आरक्षित

 लखनऊ l हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2015 को बेस मानते हुए पंचायत चुनाव के आरक्षण को तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार की रात जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की सूची जारी कर दी गई। पिछली सूची से इस सूची में केवल दो वर्गों में ही बदलाव देखने को मिला है। पिछली सूची में अनुसूचित जाति महिला, अनूसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला और पिछड़ा वर्ग के लिए जो जिले आरक्षित थे, इस बार भी वही जिले आरक्षित हैं। बदलाव केवल अनारक्षित और महिला के लिए आरक्षित सीटों में हुआ है। 


पिछली सूची में अमेठी, कन्नौज, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, सोनभद्र और हमीरपुर को महिला के लिए आरक्षित किया गया था। इस बार यह सभी जिले अनारक्षित हो गए हैं। इसी तरह सिद्धार्थनगर, आगरा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ पहले अनारक्षित थे। अब ये महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं। 

जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटों के लिए जारी आरक्षण इस प्रकार है।

अनुसूचित जाति महिला

शामली, बागपत, कौशांबी, लखनऊ, सीतापुर और हरदोई की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दी गई हैअनुसूचित जाति

कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और मिर्जापुर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। 

ओबीसी महिला

बदायूं, संभल, एटा, हापुड़, बरेली, कुशीनगर और वाराणसी की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई है। 

ओबीसी

आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती, संत कबीर नगर, चंदौली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है।

महिला

बहराइच, प्रतापगढ़, जौनपुर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, आगरा, सुल्तानपुर, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं।

अनारक्षित

गोंडा, प्रयागराज, बिजनौर, उन्नाव, मेरठ, रामपुर, फतेहपुर, मथुरा, अयोध्या, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, अमेठी, श्रावस्ती, कानपुर देहात, अमरोहा, हाथरस, भदोही, गाजियाबाद, कन्नौज, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, सोनभद्र, हमीरपुर और गौतमबुद्ध नगर अनारक्षित हैं।


अगला कार्यक्रम

18 से 19 मार्च -जिला स्तर पर आरक्षित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का आवंटन और जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के आरक्षण व आवंटन का डीएम द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाना। 

20 से 22 मार्च - आरक्षित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख का आवंटन और जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) के आरक्षण और आवंटन की प्रस्तावित सूची का डीएम द्वारा प्रकाशन।

20 से 23 मार्च -प्रस्तावित सूची पर दावे और आपत्तियां प्राप्त किया जाना।

24 से 25 मार्च- आपत्तियों का जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय का संकलन और डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण, निस्तारण व अंतिम सूची तैयार करना।

26 मार्च- डीएम द्वारा आरक्षित ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख के पदों का आवंटन, जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत के वार्डों के आरक्षण व आवंटन की अंतिम सूची का प्रकाशन तथा पंचायतीराज निदेशालय व जिला निर्वाचन अधिकारी को तय प्रारूप पर विवरण उपलब्ध करवाया जाना।

पंचायतों के आरक्षण व आवंटन की अधिसूचना जारी

इससे पहले प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने राज्य की पंचायतों में स्थानों और पदों के आरक्षण और आवंटन के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। मंगलवार 16 मार्च को कैबिनेट ने हाईकोर्ट के 15 मार्च के आदेश का अनुपालन करते हुए पंचायतों में आरक्षण के लिए आधार वर्ष (बेस इयर) 1995 के बजाए 2015 को मानकर आरक्षण तय करने का निर्णय लिया था।। कैबिनेट के इस निर्णय के आधार पर पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने उ.प्र.पंचायती राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली 2021 की अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के अनुसार प्रदेश की राज्यपाल ने उ.प्र. पंचायतराज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली में संशोधन करने की दृष्टि से नई नियमावली बनाने का आदेश दिया है। यह नियमावली उ.प्र. पंचायतीराज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली 2021 कहलाएगी। इस नियमावली में 2015 को आधार वर्ष मानकर राज्य की पंचायतों में स्थानों और पदों के आरक्षण की व्यवस्था की गयी है।

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