Saturday, September 25, 2021

मुजफ्फरनगर में महिला अधिकारी को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का जल्द होगा भंडाफोड़

 


मुजफ्फरनगर। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की महिला कल्याण अधिकारी के नाम लिफाफा डालने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे में लिफाफा डालने वाले की पहचान हो जाने से महिलाओं को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हो सकता है। इस प्रकरण में शहर का वह कंप्यूटर ऑपरेटर भी निशाने पर है जो नग्न फोटो तैयार कर रहा है।उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत विभिन्न योजनाएं चलाई है। महिला कल्याण अधिकारी की नियुक्ति भी इसी कड़ी में है। जिनकी जिम्मेदारी महिलाओं को न्याय देने की है, उन्हीं का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रोबेशन के ऑफिस में जो लिफाफा डाला गया है, उसमें महिला कल्याण अधिकारी को ब्लैक मेल करने की कोशिश की गई है। पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में है। इस मामले को लेकर डीएम सीबी सिंह ने अधिकारियों से बात की। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह से पूरी घटना को जाना। उन्होंने इस मामले को लेकर एसएसपी से भी बात की। डीएम सीबी सिंह ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है। इस मामले में पूरे गिरोह तक पहुंचा जाएगा। कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा। महिला सुरक्षा, सम्मान सरकार की प्राथमिकता में है। इस तरह का प्रयास किया जाएगा कि आगे से इस तरह की कोई घटना न हो। दोषी कितना भी बड़ा क्यों न हो कानूनी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में रात्रि में लिफाफा डालने के मामले में सिविल लाईन थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा भेजे गए पत्र पर यह कार्रवाई हुई है। इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने बताया कि पीड़ित महिला अधिकारी की ओर से मुकदमा दर्ज हो गया है। लिफाफे के माध्यम से अश्लील सामग्री भेजने में मामला दर्ज हुआ हैकलक्ट्रेट में 24 घंटे पुलिस का पहरा रहता है। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगे हैं। ऐसे हालात में डीएम के ऑफिस के ठीक सामने प्रोबेशन के दफ्तर में रात साढे़ ग्यारह बजे लिफाफा डालना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारी भी रहते है। जिस तरह बेखौफ होकर लिफाफा डाला गया, कुछ ओर भी डाला जा सकता था। ऐसे हालात में कचहरी परिसर की सुरक्षा को दुरुस्त करने की आवश्यकता है।

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