Friday, May 28, 2021

मुजफ्फरनगर निवासी नेहा हैंडलूम के मालिक और उसके पुत्र द्वारा बेचे जा रहे थे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, जांच में हुई पुष्टि

 लखनऊ । उत्तर प्रदेश के जिला बागपत में 19 मई को पकड़े गए मुजफ्फरनगर के बड़े व्यापारी परिवार के दो सदस्यों से मिले 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन जांच में नकली पाए गए हैं । लखनऊ लैब से जाँच रिपोर्ट आई है । नेहा हैंडलूम के मालिक और उसके पुत्र द्वारा 92 इंजेक्शन मोहाली (पंजाब) से लाए गए थे। जिसमें से 32 सप्लाई हो चुके थे। 60 पकड़े गए। जिन्हें जाँच के लिए लखनऊ की लैब भेजा गया था। जहां ये जाँच में नकली निकले हैं। बागपत क्राइम ब्रांच और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों की तलाश में अभियान के दौरान राष्ट्र वंदना चौक से प्रतिबंधित रेमडेसिविर इन्जेक्शनों की खेप के साथ एक्सूवी कार में सवार बिशन पुत्र लक्ष्मण निवासी सेलमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार, मुकन्द पुत्र मोहन व मनमोहन पुत्र बालकिशन निवासी गांधी कालोनी नई मण्डी स्वामी नेहा हैंडलूम मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि गाड़ी से 60 रेमडेसिविर इन्जेक्शन बरामद किये गए। जहां तीनों अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पंजाब के सुखपाल चौहान उर्फ एसपी चौहान नामक व्यक्ति से इंजेक्शन खरीदे थे, जिसमें उनका साथी विशाल पुत्र मनमोहन मुजफ्फरनगर भी शामिल था। जिसके बाद विशाल ने 32 इंजेक्शन मुजफ्फरनगर में ही बेच दिये थे। अब बाकि बचे रेमडेसिविर के इंजेक्शनों को दिल्ली में सप्लाई करने के लिए जा रहे थे।


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