प्राइवेट हॉस्पिटल पर खुले आम फायरिंग करने वाले डाक्टर के भाई पर पुलिस मेहरबान क्यों

 


मुजफ्फरनगर । खुले आम तीमारदारों पर गोली बरसाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई ना होने पर रोष है। 

साऊथ सिविल लाइन निवासी मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पीपीई किट पहने फायरिंग करने वाले व्यक्ति डाक्टर नहीं है। वह शहर में ही डिस्पोजल ग्लास व दोने बेचने का कारोबार करता है, जबकि उसे पीपीई किट पहनाकर अस्पताल में डाक्टर बताया गया है। कोविड अस्प्ताल में पीपीई किट पहनाकर किसी बिना मेडिकल ट्रेनिंग वाले व्यक्ति को पॉजिटिव मरीजों के बीच में बुलाने पर अस्पताल ने ही कोविड गाइड लाइन का उलंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को वीडियो व फोटो भी दिए गए है, लेकिन पुलिस जांच की बात कहकर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। निजी कोविड अस्पताल में प्रत्येक दिन 11 हजार रुपये फीस की बात जिला प्रशासन द्वारा कही गयी थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उनसे दो लाख रुपये एडवांस जमा कराये थे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मांग की है कि वह निजी कोविड अस्पताल की मनमानी की जांच कराकर उसका लाइसेंस निरस्त कराएं।


फायरिंग करने वाले व अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग 

मुजफ्फरनगर। समाजसेवी सत्यप्रकाश रेशु ने आर्यपुरी मोड पर निजी कोविड अस्प्ताल में डाक्टर के भाई द्वारा कोरोना संक्रमण से मरे मरीजों के परिजनों पर फायरिंग की निंदा करते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मरीजों से अधिक वसूली किए जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अस्पतालों की मनमानी लूट से मरीजों को बचाएं। जिस दिन प्रशासन ने इस अस्प्ताल को कोविड-एल 2 अस्पताल बनाने की अनुमति दी थी उस दिन आईसीयू बैड 18 हजार रुपए और आक्सीजन वाला बैड 11 हजार रुपए प्रतिदिन पर दिए जाने की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद भर्ती होने वाले मरीज से एडवांस में दो लाख रुपए जमा कराने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि गोली चलाने वाला डाक्टर का भाई ना तो अस्पताल का कर्मचारी है और ना ही मेडिकल स्टॉफ है। उसकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। सत्यप्रकाश रेशु के साा जोगेंद्र हुड्डा, सुरेश सिंह, शिवम गुप्ता व मनीष भारती ने भी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ ब्राहमण नेता सुबोध शर्मा ने भी मृतक मरीजों के परिजनों पर गोली चलाएं जाने की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से एकतरफा कार्रवाई किए जाने पर रोष जताया है। उन्होंने मांग की कि घटना की गहनता से जांच कर सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं।

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