नहीं बचा तपोवन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर डैम का अंश : वायु सेना

देहरादून l उत्तराखंड में प्राकृतिक कहर से लोगों की जान पर बनी रहती है। ताजा मामले में चमोली जिले के रैनी में रविवार सुबह ग्लेशियर टूट गया। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर टूटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। भारतीय वायु सेना की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने के बाद ऋषि गंगा परियोजना के रूप में पहचाने जाने वाला तपोवन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर डैम


पूरी तरह से धवस्त हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि, "बांध को तपोवन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर डैम कहा जाता है। यह धौली गंगा और ऋषि गंगा के संगम पर है। ग्लेशियर टूटने पर यह पूरी तरह से बह गया है।"

इसमें कहा गया कि मलारी घाटी और तपोवन के एंट्रेंस पर दो पुल भी बह गए हैं, जबकि जोशीमठ से तपोवन के बीच मुख्य सड़क बरकरार है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि घाटी के तल पर निर्माण कार्य और झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। नालादेवी ग्लेशियर के प्रवेश द्वार से लेकर पिपलकोटी और चमोली के साथ-साथ धौलीगंगा और अलकनंदा के नीचे तक मलबे को देखा गया।

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