शिक्षक नेता ओम प्रकाश शर्मा का निधन


मेरठ । लंबे समय तक शिक्षक राजनीति के सर्वेसर्वा रहे प्रमुख शिक्षक नेता ओम प्रकाश शर्मा का निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे 85 वर्ष के थे। 

करीब 5 दशक से भी ज्यादा समय तक लगातार उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सदस्य रहे ओमप्रकाश शर्मा गत माह हुए विधान परिषद की शिक्षक सीट के चुनाव में वे पहली बार पराजित हो गये थे। उन्हें भारतीय जनता पार्टी के श्रीचंद शर्मा ने पराजित किया था ।बताया जाता है कि उन्होंने खुद को कुछ अस्वस्थ महसूस किया और उसके बाद उनके चिकित्सक पुत्र ने उनका उपचार शुरु किया लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया।

उतर प्रदेश शिक्षक राजनीति का 50 साल से नेतृत्व कर रहे शिक्षक नेता व निवर्तमान एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा एक बड़ा नाम थे । 50 साल तक ओमप्रकाश शर्मा के इर्द-गिर्द ही शिक्षकों, कर्मचारियों की राजनीति घूमती रही। ओम प्रकाश शर्मा ने विधान परिषद का पहला चुनाव 1970 में जीता था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अंतिम चुनाव उन्होंने 2014 में जीता था। शर्मा की लोकप्रियता 90 के दशक में इतनी थी कि सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई और साढ़े 10 बजे तक उन्हें प्रथम वरीयता के 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल जाते थे। गत दिनों मिली हार पर उन्होंने साफ कहा था कि हार से शिक्षकों के आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शिक्षक हित में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आराेप गाया था कि षडयंत्र के साथ सरकार ने उन्हे हराया है। चुनाव हारने के बाद भी पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा शिक्षकों के हित के लिए प्रयासरत थे। शनिवार काे भी वे जीआईसी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे।

वयोवृद्ध शिक्षक नेता के निधन के समाचार से शिक्षक वर्ग में शोक की लहर दौड़ गई है ।

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