अब एक फरवरी को सांकेतिक होगा किसानों का संसद मार्च


नई दिल्ली। हिंसा के बाद जहां कई संगठनों ने आंदोलन से पैर खींच लिए हैं वहीं किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि एक फरवरी को बड़ी तादाद में किसान संसद मार्च नहीं करेंगे। चुनिंदा प्रतिनिधि अपनी मांगों का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च करते हुए संसद तक जाएंगे।

भाकियू भानु व किसान नेता वीएम सिंह ने आंदोलन से नाम वापस ले लिया है और साथ ही राकेश टिकैत व अन्य किसान नेताओं पर कई आरोप लगाए हैं। वीएम सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने भड़काया उन पर सख्त कार्रवाई हो। वीएम सिंह ने कहा कि, सरकार की भी गलती है जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी तो सरकार क्या कर रही थी। वीएम सिंह आगे बोले, हिंदुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं। आईटीओ में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकैत अलग रास्ते से जाना चाहते थे।



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