Tuesday, September 21, 2021

भड़काऊ भाषण में कादिर समेत 8 आरोपी कोर्ट में पेश, बीस दंगारोपी बरी

 


मुज़फ्फरनगर। गत 2013 को मुज़फ्फरनगर के खालापार में जलसे में भड़काऊ भाषण दिए जाने के मामले में आज चार्ज पर वकीलों की बहस हुई कोर्ट ने चार्ज पेर आदेश के लिए 24 सितंबर नियुक्त की है मामले की सुनवाई विशेष अदालत एम पी एमएल ए के ज़ज़ गोपाल उपाध्याय की कोर्ट में हुई। एक अन्य मामले में दंगों के बीस आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस बीच रेल रोेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेकने के मामले में दर्ज मुकदमे में भाजपा नेता यशपाल पंवार व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला कोर्ट में पेश हुए। अदालत में पूर्व एमपी कादिर राणा, पूर्व मंत्री साईदुज़मा, सलमान सईद, पूर्व विधायक मौलाना जमील, पूर्व सभासद असद जमा आदि आठ लोग पेश हुए।, नूर सलीम व नोशद कोर्ट में पेश नही हुए उनकी ओर से हाज़री माफी दी गई। 

इस बीच अदालत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी 20 लोगों को बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाबूराम ने सोमवार को उन्हें यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ सबूत देने में विफल रहा है। जिला सरकारी वकील (डीजीसी) राजीव शर्मा ने कहा कि मामले में सभी गवाह और शिकायतकर्ता मुकर गए।

अतिरिक्त जिला सरकारी वकील (एडीजीसी) नरेंद्र शर्मा ने विवरण देते हुए कहा कि कुटबी गांव निवासी सिराजुद्दीन ने 8 सितंबर, 2013 को शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि भीड़ ने उनके घरों को जला दिया और उन्हें मारने की कोशिश की साथ ही उनका कीमती सामान भी लूट लिया। इस मामले की सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में, 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े हत्या, दुष्कर्म, डकैती और आगजनी से जुड़े 97 मामलों में 1,117 लोगों को सबूतों के अभाव या गवाहों के मुकर जाने के कारण बरी कर दिया गया है। पुलिस ने दंगों के सिलसिले में 510 मामले दर्ज किए और 1,480 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद एसआईटी ने 175 मामलों में चार्जशीट दाखिल की। मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान कम से कम 60 लोग मारे गए और 50,000 से अधिक विस्थापित हुए थे।

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