Friday, August 13, 2021

रालोद की न्याय यात्रा में दिया छह सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन



मुज़फ्फरनगर । राष्ट्रीय लोकदल की न्याय यात्रा  में  चल रहे  नेताओं ने 6 मांगो को लेकर जिला अधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। इसमें छह सूत्रीय मांग में कहा गया है कि हाथरस की बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद अभी परिवार को किसी भी तरह की सरकारी मदद नहीं मिली है। भाजपा सरकार तत्काल हाथरस की बेटी के अलावा सभी दलित उत्पीड़न मामले में तत्काल वादे के मुताबिक आर्थिक सहायता के साथ सरकारी नौकरी दे। 2 अप्रैल भारत बंद के दौरान दलित समाज के बेगुनाह युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस हों। संविदा पर कार्य कर रहे सभी सफाई कर्मचारियों को तत्काल पक्की सरकारी नौकरी के साथ सामान वेतन के अंतर्गत लाया जाए। क़ानून के बावजूद उत्तर प्रदेश में आज सीवर की सफाई के लिए सफाई कर्मियों को सीवर में उतरना पड़ता है जिसके लिए सरकार तत्काल यह अमानवीय कार्य को संरक्षण देना बंद करें और आधुनिक मशीनों के माध्यम से इस काम को अंजाम देने का काम शुरू करें। सरकारी योजनाओं के लाभ से दलितों को वंचित रखा जाता है इसलिए ऐसे अधिकारियों तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। कोरोना में सरकार की विफलता के वजह से लाखों लोगों की मौत हुई है. उन सभी मृत परिवार को 4 लाख रूपए की तत्काल आर्थिक सहायता की जाए। 

ज्ञापन अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्य्क्ष प्रशांत कन्नौजिया, पूर्व सांसद मुंशीराम राम पाल,पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी,नरेंद्र खजूरी,डॉ सुशील जाटव, ओमवीर दिवाकर, वीरपाल दिवाकर,यात्रा प्रभारी कमल गौतम,रमेश काकड़ा,डॉ मोनिका सिंह, राजू बाल्मीकि, माधोराम शास्त्री, मोहन बेदी,क्षेत्रीय अध्य्क्ष यशबीर सिंह, जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी गुर्जर, श्रीमति रमा नागर, कृष्णपाल राठी, विदित मलिक, पराग चौधरी, अंकित सहरावत , पंकज राठी, विकास बालियान आदि उपस्थित रहे।

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