Friday, June 4, 2021

जौनपुर जिला जेल पर कैदियों का कब्जा, लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त

 


जौनपुर l जिला जेल में शुक्रवार दोपहर कैदी की मौत के बाद शुरू हुआ कैदियों का उत्पात लगातार जारी रहने से लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बेकाबू हो रही है। जेल के अंदर आगजनी और आंसू गैस के गोले लगातार छोड़े जाने के बाद भी उत्पात पांच घंटे से ज्यादा समय तक जारी रहने से पुलिस प्रशासन की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। हालात बेकाबू होते देख वाराणसी से कमिश्नर दीपक अग्रवाल और आईजी रेंज एसके भगत भी जौनपुर पहुंच गए हैं । जिला जेल की स्थिति पहले ड्रोन कैमरे से देखी फिर बॉडी आर्म और हेलमेट पहनकर जेल के अंदर दाखिल हो गए।

ड्रोन कैमरे से बंदियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कैमरे में दिखाई दे रहा है कि पूरा जेल कैदियों ने किस तरह से अपने कब्जे में ले लिया है । जेल परिसर में हर तरफ सरिया, डंडों और ईंट पत्थर के साथ बंदियों का जमावड़ा भी दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ सिलेंडर में आग लगाते भी बंदी दिखाई दे रहे हैं। पहचान छिपाने के लिए ज्यादातर ने अपने चेहरे पर मास्क और गमछा लगा रखा है। 

जेल में कैदी की मौत पर फूटा गुस्सा

आजीवन कारावास पाए कैदी बागेश मिश्र उर्फ सरपंच की शुक्रवार को दोपहर मौत हो गई। मृतक के भाई ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मौत की खबर सुनते ही आक्रोशित बंदियों ने जेल में हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। एक बंदीरक्षक की बुरी तरह पिटाई कर दी। उसका पैर भी तोड़ दिया गया है। जेल अस्पताल और कई बैरकों में जमकर आगजनी की गई । स्थिति पर काबू पाने को जेल प्रशासन ने भारी पुलिस व पीएसी फोर्स बुला ली। गेट बंद कर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। ड्रोन कैमरे से बंदियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। 


पांच जनवरी को आजीवन कैद की सजा मिली थी

रामपुर थाना क्षेत्र के बनीडीह गांव निवासी 42 वर्षीय बागेश मिश्र को जिला अदालत ने गत पांच जनवरी को हत्या व अनुसूचित जाति उत्पीड़न निवारण एक्ट में दोहरा आजीवन से दंडित किया था। तभी से वह जिला जेल में निरुद्ध था। उसे काफी समय से मधुमेह के साथ ही श्वांस संबंधी बीमारी थी। गुरुवार को हालत खराब होने पर उसका जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे सीने में दर्द सांस फूलने पर हालत नाजुक देखते हुए जेल प्रशासन ने स्वजन को सूचना देने के साथ ही जिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहां डाक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। स्वजन जिला अस्पताल पहुंच गए।मृतक कैदी की पत्नी बनीडीह की प्रधान हैं

मृतक की पत्नी कुसुम मिश्रा ग्राम सभा बनीडीह की प्रधान हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मृतक के भाई अनिल कुमार मिश्र ने बीमारी की पुष्टि करते हुए जेल प्रशासन पर इलाज में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। इस बारे में पूछने पर जेल अधीक्षक एसके पांडेय ने कहा कि दोपहर में वह कारागार के अस्पताल में उपचाररत बंदियों को देखने गए तो बागेश मिश्र की हालत नाजुक लगने पर एंबुलेंस से पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना कारागार मुख्यालय को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद जेल में निरुद्ध बंदियों के हंगामा व तोड़फोड़ करने पर स्थिति पर काबू पाने को जिला प्रशासन को सूचना देकर फोर्स बुला ली गई है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी

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