चिकित्सक इस्तीफा मामले का पटाक्षेप ऐसे हुआ

 


मुजफ्फरनगर । जिले के चिकित्साधिकारियों द्वारा सामूहिक त्यागपत्र प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। डॉक्टरों ने बताया काम का बर्डन बढ़ने के कारण मानसिक तनाव में थे इसलिए त्यागपत्र दिया था। 

शनिवार को दस  चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। चिकित्सा अधिकारियों ने सामूहिक त्यागपत्र में बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इस मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस के अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने कुछ सीएचसी पर औचक निरीक्षण कर कई लापरवाही पकड़ी थी और सख्त लहजे में आगे से लापरवाही मिलने पर कार्यवाही करने की चेतावनी दी थी उसी से नाराज होकर कुछ डॉक्टरों ने त्यागपत्र दिया है। इस मामले में CMO एस के अग्रवाल ने सभी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस दिया, लेकिन शाम ढलते ढलते त्यागपत्र देने वाले डॉक्टरों के सुर बदल गए और सभी ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर मीडिया के आगे जानकारी दी कि सारा मामला निपट चुका है, कुछ मुद्दे थे उनका निस्तारण हो गया है। त्यागपत्र देने वाले मेघा खेड़ी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ महक सिंह ने बताया कि इस समय काम का बर्डन बहुत ज्यादा बढ़ चुका है क्योंकि एकदम से सभी लोगों को वैक्सीनेट करना, ऊपर से जो कोविड-19 निकलना शुरू हो गए हैं, उनका दबाव कह लीजिए, या बहुत सारी योजनाएं हैं। एकदम से चल पड़ी, तो सभी लोग एक प्रेशर में आ गए थे, मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे। सीएमओ डॉक्टर एस के अग्रवाल ने बताया कि कल हम लोगों की बैठकर बात हुई थी। सब ने तय किया था कि कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे इन लोगों ने त्यागपत्र दिया था मैंने उसे मंजूर नहीं किया, मेरा मानना है किसी प्रकार का काम का दबाव नहीं मानना चाहिए। सीएमओ एसके अग्रवाल से जब पूछा गया कि निरीक्षण में जो अनियमिताएं मिली थी क्या उन पर कार्यवाही होगी सीएमओ ने कहा कार्यवाही जरूर होगी। प्रेसवार्ता में सीएमओ डॉक्टर एसके अग्रवाल के साथ साथ 10 त्यागपत्र देने वाले डॉक्टरो की टीम भी मौजूद रही।

Comments

Popular posts from this blog

शुक्र बदल रहे हैं राशि : जानिए आपकी राशि पर प्रभाव

यूपी में 19 से जूनियर और 1 दिसंबर से प्राइमरी स्कूल खुलेंगे

यू पी में आड. इवन की तर्ज पर खुलेंगे बाजार, सरकार ने हाईकोर्ट में कहा