पंचायत चुनाव पर 2021 की आरक्षण व्यवस्था पर हाईकोर्ट की रोक

 लखनऊ। कोर्ट ने इसे 2015 के आधार पर करने को कहा साथ ही सरकार से 10 दिन के अंदर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सरकारी मशीनरी से लेकर चुनाव में दावेदारी ठोक चुके लोगों से लेकर आरक्षण के बाद मायूस होने वालों को इस फैसले का बेसब्री से इंतजार था।सरकार को 25 मई तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही 27 मार्च तक संशोधित आरक्षण सूची जारी करने का निर्देश भी दिया है। प्रदेश सरकार इससे पहले 17 मार्च को ही आरक्षण की संशोधित सूचित जारी करने की तैयारी में थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने यूपी पंचायत चुनाव को 15 मई तक पूरा करने आदेश दिया था।

दरअसल, आरक्षण की अंतिम सूची जारी होने के बाद आई आपत्तियों का निस्तारण कर जिला प्रशासन को अंतिम सूची जारी करनी थी। इस बीच लखनऊ हाईकोर्ट ने आधार वर्ष का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण और आवांटन को अंतिम रूप देने की कार्रवाई पर 15 मार्च तक के लिए रोक लगा दी थी।


अब सोमवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। शनिवार और रविवार को राजनीति से जुड़े रहने वाले लोग इस मसले पर चर्चाओं में मशगूल रहे। आरक्षण सूची में मन मुताबिक, सीटों के आने के बाद चुनाव में दावेदारी ठोक चुके लोगों के चेहरों पर उदासी देखी गई थी। पोस्टर, बैनर छपवाकर प्रचार-प्रसार में लग जाने वाले दावेदार परेशान थे। उन्हें चिंता सता है कि लगी कि, कहीं आरक्षण में अब फिर हाथ आई उनकी सीट हाथ से तो नहीं निकल न जाए। ठीक उलट उन लोगों को आस बंध गई है, जिनके हाथ से सीट निकल गई थी। वह उम्मीद लगाए बैठे है कि शायद कुछ बदलाव हो जाए। सीटों के उलटफेर में मन माफिक सीट होने से चुनावी जंग में उतरने का एक मौका उन्हें भी मिल जाए।

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