नक्सली हमले में शहीद हुए सहारनपुर के मोनू कुमार


सहारनपुर । तल्हेड़ी के निकट ग्राम अमोल्ली के शहीद हुए सैनिक के घर पर सुबह छत्तीसगढ़ बटालियन से कॉल आई की मोनू कुमार कपिल शहीद हो गए अब हमारे बीच नही रहे इस दुखद समाचार की सूचना सुनते ही पूरे परिवार में मातम छा गया।

शहीद हुए सैनिक मोनू कुमार पुत्र स्वर्गीय धर्मपाल सिंह निवासी अमोल्ली जिसकी उम्र 25 साल के लगभग थी 

जो कि छत्तीसगढ़ में आईटीबीपी की 38वी बटालियन में सैनिक थे जिनकी तीन साल पहले हुई थी पिछली दीपावली पर घर पर शादी थी तब ही छुट्टी पर घर आए थे तब उनकी डेड साल की बेटी ने उनको पहली बार पापा बोला और कहा था पापा जब भी आओगे मेरे लिए चॉक्लेट लाना जलूल लाना, शहीद मोनू कपिल भी अपनी बेटी से वादा कर कहा था कि डुयूटी से जब भी छुटी  आऊँगा वितिका बेटी आपके लिए चोकलेट जरूर लेकर आऊँगा।

  लेकिन किसे पता था कि शहीद मोनू कुमार कपिल जब घर वापस आएगा तो तिरंगे में लिपट कर आएगा। 

 मोनू कुमार कपिल आज सुबह छत्तीसगढ़ में गस्त के दौरान हुए अचानक हमले में चली गोला बारी के बीच मोनू कुमार शहीद हो गए। उन्होंने आखरी बार भाई से बात की थी और माँ की तबियत कैसी है उनका हाल जाना था।

    जैसे ही परिवार को सूचना मिली परिवार में मातम छा गया शहीद हुए मोनू कुमार कपिल की माँ का रो रो कर हुआ बुरा हाल 

 उनका पथरी का ऑपरेशन होना था माँ बोली थी कि बेटा जब तू आएगा तब ही जाऊँगी हॉस्पिटल में शहीद मोनू कुमार कपिल बोला था नही माँ तुम चले जाओ ओर माँ से वादा किया था मैं जल्दी ही आपसे मिलने घर वापस आऊँगा।

 लेकिन किसी को नही पता था की जब सुबह बटालियन से एक कॉल आई तो शहीद मोनू कुमार कपिल  के भाई भाई ने उठाया तो पैरों तले जमीन खिसक गई और सूचना सुनते ही पूरे परिवार में मातम छा गया शहीद सैनिक का शव प्रकिर्या के बाद रविवार तक उनके घर ग्राम अमोल्ली पहुचेगा।

     इस दुखद घटना की खबर क्षेत्र में हवा की तरह फैले गई जिसका लोगो ने दुख व्यक्त किया और परिवार सांत्वना दी।

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