प्रदेश में मृत पड़ी कांग्रेस क्या प्रियंका गांधी की किसान पंचायतों हो जाएगी जिवित

अभिषेक वालिया की कलम से ✒️

मुजफ्फरनगर l पिछली कई चुनावी योजनाओं से पूरे प्रदेश में मृत पड़ी कांग्रेस को जीवित करने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रियंका गांधी को प्रदेश की बागडोर सौंपी गई है l प्रियंका गांधी लगातार उत्तर प्रदेश में जगह-जगह जाकर किसान पंचायतों का आयोजन कर रही है l केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए तीन कृषि बिलों के विरोध में कांग्रेस लगातार किसान पंचायतें कर रही है परंतु यूपी में अपना अस्तित्व खो चुकी कांग्रेस प्रदेश में अपनी मृत अवस्था को दोबारा जीवित करने की जुगत में लगी हुई है l कभी सपा से गठबंधन तो कभी सर्वदलीय विपक्ष का गठबंधन कर वोटरों को लुभाने की कोशिश की जा रही है l


मगर कांग्रेस के जब यह सभी पैंतरे फेल हो गए तो कांग्रेस अब किसानों के नाम पर राजनीति कर अपने आप को जीवित करने की कोशिश कर रही है l केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि बिलों के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस अपने संगठन एवं सहभागी दलों के नेतृत्व में केंद्र व प्रदेश प्रदेश की भाजपा सरकार को लगातार घेरने में लगी हुई है l 2019 के लोकसभा चुनाव में एक तरफ से सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी l जिसके बाद प्रियंका गांधी ने किसी ना किसी मुद्दे को लेकर केंद्र व राज्य की सरकार को घेरने का काम किया है l आने वाले 2022 के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अपने वोट बैंक को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है l जिसको लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रियंका गांधी द्वारा प्रदेश की जाटलैंड माने जाने वाले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर बिजनौर अन्य जनपदों में लगातार जाट नेताओं के माध्यम से किसानों को रिझाने की भरपूर कोशिश कर रही हैं l परंतु दिखावे की भीड़ के अलावा कांग्रेस के पास उनके कार्यकर्ताओं को छोड़कर अन्य किसी भी जाति व समूह का वोट बैंक नहीं है l जिसको लेकर कांग्रेस लगातार अपने वोट बैंक में इजाफे के लिए किसानों एवं जाटों को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रही है l

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