अजित सिंह को हराकर बड़ी गलती की: चौ नरेश टिकैत


मुजफ्फरनगर । गाजीपुर बॉर्डर प्रकरण और राकेश टिकैत के आंसुओं के पेट्रोल से गरमाए माहौल के बीच उमड़ी भीड़ से गरमाए माहौल में हुई महापंचायत एक जुटता के आह्वान के साथ खत्म हो गई। 

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय चौधरी नरेश टिकैत ने पंचायत में पहुंचे सभी लोगों का धन्यवाद अदा कर कहा कि अब सभी अपने घर जाएं, समय-समय पर दिल्ली का चक्कर भी लगाएं। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह को हराकर बड़ी गलती हुई है। आगे से ऐसी गलती नहीं करेंगे।महापंचायत में सभी राजनीतिक दलों ने दिल्ली जाने का आग्रह किया लेकिन भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत ने सूझ बूझ से सभी को धन्यवाद कर अपना निर्णय सुनाया।भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम किसानों के हक के लिए लड़ते रहेंगे। भारी जनसैलाब को देखकर उत्साहित किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि हमारी मांगें जायज है, सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।


चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अनुशासन के लिए जाना जाता है हम इसी में रहकर काम करेंगे बस बीजेपी वालों से संभल कर रहे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह कलियुग के अवतार थे , हमने चौधरी अजित सिंह को हराकर बहुत बड़ी भूल की थी लेकिन आगे ये गलती नहीं दोहराई जायगी , उधर जयंत चौधरी ने लोटे में नमक गंगाजल डलवाकर कसम खिलवाई की सब किसान एकजुट रहें। जयंत चौधरी ने भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मुझे चौधरी अजित सिंह ने इस आंदोलन में इसलिए भेजा है, क्योंकि किसान ही तानाशाह सरकार से लड़ाई लड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसान कमजोर होगा, तो देश तबाह हो जायेगा। चौधरी अजित सिंह ने मुझे कहा कि जयंत तुम किसानों के बीच जाओ। किसानों की लड़ाई में किसी भी प्रकार की कोई चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ी जायेगी। किसान कमजोर नहीं है, वह अपना उत्पीड़न किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। जयंत चौधरी ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो कि रेप होता है, तो उसकी भी जांच की जाती है। उन्होंने हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़िता के साथ जो हुआ, वह बहुत ही गलत हुआ। बहुत ही अमानवीय था। हम वहां गये, तो हमें रोका गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिले,इसलिए सरकार ने वहां लाठियां चलवाईं। उन्होंने कहा कि सरकार शायद यह भूल गई है कि मुजफ्फरनगर क्रांति भूमि है। यहां से कई बड़ी-बड़ी लड़ाइयां न सिर्फ लड़ी गईं, वरन जीती भी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई ऐसे लोगों से है, जो अपनी गलती नहीं मानते हैं। किसान इतने दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार भी किसानों की बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि देश के आगे यह बड़ी चुनौती है। 70 प्रतिशत लोग किसान हैं, अन्नदाता हैं, जो कि भगवान का रूप होते हैं। भगवान का रूप कहे जाने वाले किसान अब सड़कों पर आ चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री अपनी हठ पर अड़े हुए हैं। वे विदेशों की बात करते हैं। अमेरिका पर अपना ध्यान रखते हैं, लेकिन किसानों की उन्हें कोई चिंता नहीं है। जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की गद्दी पर बाबाजी विराजमान हैं, वे किसी की भी नहीं मानते हैं। अपनी हठधर्मिता करते हैं। ये लोग ठाठ की जिंदगी जी रहे हैं। इन लोगों की अपनी छोटी सी दुनिया है, इसलिए उन्हें किसान की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। गन्ने का भाव नहीं बढ़ रहा है। यह किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि अब चुप रहने से काम नहीं चलेगा। सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। किसान अब किसी भी कीमत पर चुप नहीं बैठेगा। आप सांसद संजय सिंह, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक पंकज मलिक, प्रमोद त्यागी, गौरव स्वरूप, महेश बंसल, धर्मवीर बालियान आदि ने भी विचार रखे।

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