विश्वविख्यात बर्फ़ानी बाबा अमृतानन्दगिरी जी महाराज ने मुजफ्फरनगर से किया प्रस्थान

 


मुजफ्फरनगर। लगभग 16 साल से बद्रीनाथ धाम में साधना में लीन बर्फानी बाबा के नाम से विख्यात अमृतानंदगिरी जी महाराज अपने भक्तों का आशीर्वाद देने के लिए एक सप्ताह पूर्व मुजफ्फरनगर पहुंचे थे , 1 सप्ताह मुजफ्फर का विश्राम करने के बाद बर्फानी बाबा आज बुढाना के लिए रवाना हो गए हैं।


श्री बद्रीनाथ मंदिर के पश्चिम भाग में नीलकंठ पर्वत की तलहटी पर बर्फानी बाबा के नाम से प्रसिद्ध अमृतानंद जी महाराज बर्फ के ऊपर बैठकर साधना में लीन थे, जहाँ उन्होंने लगातार 12 वर्ष 12 महीने घोर तपस्या की। अमृतानंद गिरी जी वहा दिनभर में केवल एक बार भोजन ग्रहण करते थे। 

उनके शिष्य बताते हैं कि अमृतानंद जी कलकत्ता में मेकेनिकल इंजीनियर थे। वर्ष 2002 में उनकी माता का निधन हो गया था। एक वर्ष बाद वर्ष 2003 में उनके पिता का भी देहांत हो गया था। 

उन्होंने अन्य भाई-बहिनों का परित्याग कर अपने गुरू शिवनाथ गिरी जी के साथ बद्रीकाश्रम जाने का निर्णय लिया। तब से वे वहां श्री बद्रीनाथ धाम में जहाँ चारों ओर बर्फ और कड़ाके की ठंड एवं शून्य से भी काफ़ी नीचे के तापमान में साधना में लीन थे। वह महायोगी पायलट बाबा की कृपापात्र है। वर्ष 2004 में वे अपने गुरू महाराज शिवनाथ गिरी जी के साथ बदरीकाश्रम पहुंचे थे।

उन्हें यह एकांत स्थान इतना भाया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन धाम में बिताने एवं वही साधना करने का संकल्प लिया। हाल ही में भक्तों की विनम्र निवेदनों के पश्चात वह बद्रीनाथ से हरिद्वार आकर रुके हुए थे। इसी बीच उनके परमप्रिय भक्त और मुज़फ्फरनगर के प्रसिद्ध समाजसेवी मनीष चौधरी की भतीजी की विवाह के मांगलिक कार्यक्रम के अवसर पर वर वधु व अपने भक्तों पर कृपा बनाने और उनको आशीर्वाद देने के लिए हाल ही में मुज़फ्फरनगर में पधारे हुए थे। नई मंडी में सभासद विकल्प जैन के आवास पर ठहरे हुए थे, आज बर्फ़ानी बाबा बुढाना के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान समाजसेवी मनीष चौधरी, सभासद विकल्प जैन,कुणाल चौधरी डॉक्टर अमित सक्सेना राशि पाटिल यथार्थ पाटिल अंश सक्सैना वंश सक्सेना आदि मौजूद रहे



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