डाक्टरों की हडताल से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित

 मुजफ्फरनगर । आज केंद्रीय आईएमए के आव्हान आई एम ए द्वारा  सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक असहयोग आंदोलन किया गया। इस दौरान मरीजों को नहीं देखा गया। आंदोलन मिक्सोपैथी एक पद्धति का दूसरी पद्धति में मिश्रण के खिलाफ किया गया। जिसमें की एमरजैंसी  चालू रही बाकी सब सेवाएं बंद रही। सुबह 11:00 बजे  ज्ञापन दिया गया जिसमें आयुष डॉक्टरों को शल्य चिकित्सा देने का विरोध किया गया और नीति आयोग की कमेटियों को भंग करने का प्रस्ताव दिया गया। सेंट्रल काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन द्वारा इस नोटिफिकेशन का विरोध दर्ज किया गया। यह विरोध पूरे भारतवर्ष में किया गया। और आगे भी जैसे केंद्रीय आईएमए की गाइड लाइंस होगी हम उस पर चलेंगे और इस कानून का पूरा विरोध  करेंगे। आज सहारनपुर में सभी क्लीनिक बंद रहे इस कानून का विरोध दर्ज करते हुए अध्यक्ष डॉ एम एल गर्ग के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।


आईएमए के सभी डॉक्टरों ने सर्कुलर रोड स्थित आईएमए हॉल में इकट्ठा होकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर अनिल गर्ग ने की। संचालन अनुज माहेश्वरी ने किया। गोष्ठी में मुकेश जैन, केडी सिंह, डीपी सिंह, अभिषेक गौड़, अभिषेक यादव,राजवीर सिंह, डॉ. ललिता माहेश्वरी ने अपनी बात रखी। इससे पहले कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया।यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञापन भेजा गया। जिसमें इस नए कानून को वापस लेने की मांग की गई ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया ज्ञापन

यहां डॉक्टर अशोक शर्मा, डॉक्टर सुनील सिंघल, डॉक्टर अनिल कुमार, मनीष अग्रवाल ,पीके कंबोज, डॉक्टर पंकज जैन, प्रेम सिंह, डॉक्टर रज़ा फारुकी, विकास कुमार, विनोद कुशवाहा, अनुभव जैन,डॉक्टर हेमंत शर्मा, डॉक्टर दीपक गर्ग,डॉ डीके गोयल, डॉ मंजू प्रवीण,डॉ पंकज सिंह, रेनू गोयल, डॉक्टर संजीव त्यागी, विकास, सिद्धार्थ गोयल, विवेक अरोरा, प्रवीण कुमार सिंह आदि चिकित्सक मौजूद रहे।


Comments

Popular posts from this blog

शुक्र बदल रहे हैं राशि : जानिए आपकी राशि पर प्रभाव

यूपी में 19 से जूनियर और 1 दिसंबर से प्राइमरी स्कूल खुलेंगे

यू पी में आड. इवन की तर्ज पर खुलेंगे बाजार, सरकार ने हाईकोर्ट में कहा