नक्सलवादियों, खालिस्तानी व आतंकवादियों को आगे करके किसान आंदोलनकारी बना दिया


मुजफ्फरनगर। डीएम कार्यालय पर आज महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के दर्जनों किसान कार्यकर्ता पहुंचे और एक ज्ञापन कृषि बिल के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के नाम जिला प्रशासन को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने नक्सलवादियों खालिस्तानी व आतंकवादियों को आगे करके किसान आंदोलनकारी बना दिया है।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर नरेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि भारत देश कृषि प्रधान देश है भारत का किसान संघर्षशील और देशभक्त है। किसान इस देश की रीढ है किसान अन्नदाता है हम किसान भाइयों से अपील करते हैं कि अपने विवेक व बुद्धि से सोचने की कृपा करें। आज 26 दिन हो गए किसान आंदोलन चलते हुए सर्दी ठंड बढ़ती जा रही है। किसानों को गुमराह किया जा रहा है । किसान हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संसद द्वारा कानून पास किया है। संसद द्वारा पारित किए गए कानून को रद्द करने की बात कही जा रही है। उससे प्रतीत हो रहा है कि यह कदम किसान हित में नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक रोटी नेताओं द्वारा सेकी जा रही है जो लोग 62 वर्षों से नहीं कर पाए। इस बीजेपी की सरकार ने 7 वर्षों में  विकास की गंगा बहाकर दिखा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी  ने जनता का विश्वास जीता है वही जनता राजनीतिक रोटी सेक रहे इन लोगों की फितरत को समझ रही है कि सत्ता पाने चक्कर में ये लोग नक्सलवादियों खालिस्तानी व आतंकवादियों से मिल सकते हैं । यह लोग विदेशी ताकतों की शह पर काम करते हैं यह सत्ता के भूखे हैं। इस देश की जनता को गैर जिम्मेदार लोगों से सावधान रहना चाहिए ऐसे लोगों को आगे करके किसान आंदोलनकारी बना दिया गया है। किसानों के नाम पर दिल्ली पहुंचने वालों से हमने पूरी जानकारी की है कि जो किसान अपने काम में व्यस्त है वे अपना गन्ना छीलकर मिल में डाल रहे है  और अपनी पशुओं के लिए  खेत से चारा ला रहे हैं। उन किसानों के पास  समय नहीं है कि वे लोग  आंदोलन व धरने प्रदर्शन करें पंजाब की अमरेंद्र सरकार व तमाम राजनीतिक दल किसानों के नाम पर जो किसानों के ठेकेदार बने हुए, उन्हें आगे करके उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। ठाकुर नरेंद्र प्रताप सिंह पुंडीर ने बताया कि हमने वो समय देखा है कि किसान अपनी जरूरत मैं थोड़ी पूंजी साहूकार से लेकर अपनी जमीन गिरवी रख देता था। करोड़ों रुपए की जमीन को साहूकार  ब्याज पर चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर किसान की जमीन हड़प लेता था और फिर किसान बर्बाद होने के बाद अपने बच्चों को छोड़ कर आत्महत्या कर लेता था। ऐसे किसानो की दशा देखकर भाजपा के पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राजनाथ सिंह व पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई ने मिलकर अपना सुझाव रखकर किसान कार्ड व किसान मृत्य बीमा बनाकर किसान का लेनदेन बैंक द्वारा करा दिया था यह कदम ऐतिहासिक कदम है आज देश के राष्ट्रवादी लोगों को समाज हित को ध्यान में रखकर अपना निर्णय लेना चाहिए और स्वार्थी लोगों से दूरी बना कर किसान आंदोलन को खत्म करना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में दर्जनों किसान मौजूद रहे किसानों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के समर्थन में नारेबाजी कर कर अपना समर्थन भारतीय जनता पार्टी सरकार को दिया ओर किसान बिल को किसान हित में बताया।

Comments

Popular posts from this blog

शुक्र बदल रहे हैं राशि : जानिए आपकी राशि पर प्रभाव

यूपी में 19 से जूनियर और 1 दिसंबर से प्राइमरी स्कूल खुलेंगे

यू पी में आड. इवन की तर्ज पर खुलेंगे बाजार, सरकार ने हाईकोर्ट में कहा