रालोद और भाकियू के नाम पर हुडदंग करने वालों पर लाठीचार्ज, पांच गिरफ्तार





मुजफ्फरनगर। रालोद और भाकियू के नाम पर प्रदूषण विभाग के दफ्तर पर ताला बन्दी व हुडदंग करने वाले पांच लोगों को पुलिस ने थाने पहुंचा दिया। उनके एक दर्जन साथी पुलिस को देखकर भाग खडे हुए। कुछ रालोद के नेता उसे छुडवाने थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजने के साथ उनके साथियों की तलाश शुरू कर दी है।

थाना नई मंडी क्षेत्र में स्थिति प्रदूषण विभाग के कार्यालय पर दो दर्जन से अधिक   लोगों ने खुद को रालोद और किसान यूनियन का कार्यकर्ता बताकर प्रदर्शन करते हुए प्रदूषण विभाग के कार्यालय पर तालाबंदी कर दी थी। उन्होंने कर्मचारियों को अंदर बन्द कर वहां हंगामा करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। कई लोगों को मौके से खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उनमें विशाल बोपाडा, हिमांशु बोपाडा, सार्थक बुडीना, विकास शर्मा मंसूरपुर, काजी फैज जसोई तितावी समेत करीब 18 लोग शामिल हैं। उनके खिलाफ धारा 147, 323, 353, 507, 452, 188, 342, 159, 270, 711 के अलावा तीन महामारी अधिनियम तथा 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।  घटना का पता चलते ही रालोद के कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी ने निकाले जा चुके लोगों के समर्थन में थाना नई मंडी पहुंचकर किया धरना प्रदर्शन करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से चलता कर दिया। बताया गया है कि विशाल व उसके साथियों ने कार्यालय के बाहर धरना देने के नाम पर कार्यालय में घुसकर लाठी डंडे लेकर प्रदूषण विभाग के अफसरों पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियो के अनुसार वहां पर कार्य कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को डराया धमकाया गया। उनको बाहर निकाल दिया गया। मेज पर रखे दस्तावेजों को भी फाडकर फेंक दिया गया। विशाल के साथ कई युवक कर्मचारियों से हाथापाई भी करते नजर आये। इसके बाद इन लोगों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर कब्जा कर लिया। बाद में इसकी सूचना पर पुलिस हरकत में आई।

पुलिस का कहना है की सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नही जायेगा। प्रदूषण विभाग की घटना को लेकर मामला दर्ज करने के साथ आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। बताया जाता है कि इन लोगों ने पहले भी प्रदूषण विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता की थी और ये लोग झूठे आरोप लगाकर उद्योगों से धन उगाही के लिए भी बदनाम हैं।

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