Sunday, July 18, 2021

फिर टकराव की स्थिति : किसानों ने संसद पर प्रदर्शन ना करने की अपील ठुकराई


नयी दिल्ली. तीन कृषि कानूनों की वापसी को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने मानसून सत्र के दौरान संसद पर प्रदर्शन का फैसला वापस लेने से इंकार कर दिया है. इस बीच संसद पर बडी संख्या में किसानों को पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस तमाम उपाय कर रही है। कई मैट्रो स्टेशन अलर्ट कर दिए गए हैं. 

संसद पर प्रदर्शन को लेकर आज किसानों की दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान पुलिस ने किसानों को मनाने की पूरी कोशिश की. पुलिस ने कहा कि कि किसान संसद के बाहर के बजाय अपना प्रदर्शन कहीं और कर लें. इसके लिए उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है. बैठक के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि पुलिस से बात हुई. हमने पुलिस से कहा है कि 22 जुलाई को 200 लोग संसद जाएंगे और वहां किसान संसद चलाएंगे. हमने संसद के घेराव की बात कभी नहीं कही. हमें उम्मीद है कि हमें अनुमति मिलेगी. बैठक से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा था कि वह 22 जुलाई को उनके 200 लोग संसद जाएंगे. उन्होंने विपक्ष के लोगों से भी अपनी बात सदन में उठाने को कहा.

दिल्ली एनसीआर के 7 मेट्रो स्टेशनों (जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, उद्योग भवन) को अलर्ट पर रखा गया. ताकि जरूरत पड़ने पर कभी भी बंद करवाया जा सके. दिल्ली मेट्रो पुलिस ने मेट्रो को पत्र लिखकर कहा है कि मॉनसून सत्र में किसानों ने संसद के घेराव का ऐलान किया है. इसके मद्देनजर जरूरत पड़ने पर इन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया जा सकेगा. हालांकि अभी दिल्ली मेट्रो की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है लेकिन, दिल्ली पुलिस के पास जानकारी है कि मानसून सत्र के दौरान प्रदर्शनकारी मेट्रो ट्रेन के जरिए बड़ी संख्या में संसद के आसपास पहुंच सकते हैं.

किसान संयुक्त मोर्चा के नेताओं की तरफ से 19 तारीख को संसद घेराव की बात कही गई है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस के पास कई और संगठनों से अलग-अलग मुद्दों पर संसद के आसपास प्रदर्शन करने की मांग आ रही है, जिसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस चाहती है प्रदर्शनकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग कर संसद पार्लिमेंट के नजदीक तक न पहुंच सके.

इस बीच किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस को बताया कि सिंघू बॉर्डर से हर दिन 200 लोग संसद तक मार्च करेंगे. प्रत्येक व्यक्ति के पास पहचान बैज होगा. हम सरकार को प्रदर्शनकारियों की सूची सौंपेंगे. पुलिस ने हमसे प्रदर्शनकारियों की संख्या कम करने को कहा, जिसे हमने मना कर दिया.

दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों द्वारा 22 जुलाई को संसद घेराव की चेतावनी के बाद से दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई है. इसलिए ही आज पुलिस ने किसानों के साथ बैठक की. उधर दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट दंगे हो जामिया हिंसा हो या फिर किसानों द्वारा की गई 26 जनवरी दिल्ली हिंसा हो, ऐसे हालात से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ड्रिल कर रही है.

No comments: