वेस्ट यूपी में नकली दवाओं के शातिरों से साढ़े तीन करोड़ की नकली दवाइयां बरामद


मेरठ। वेस्ट यूपी में नकली और नशीली दवाओं व इंजेक्शन की खेप पकड़े जाने के बाद गिरोह के कनेक्शन खंगाल रही क्राइम ब्रांच ने मेरठ व अलीगढ़ से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक क्राइम ब्रांच नकली दवा का कारोबार करने वाले आठ आरोपितों की गिरफ्तारी व करीब साढ़े तीन करोड़ का माल बरामद कर चुकी है। नकली दवा बनाए जाने के बाद उसकी अलीगढ़ में प्रिंटिंग और मेरठ में पैकिंग की जाती थी। क्राइम ब्रांच ने लखनऊ में नकली दवा के बड़े सप्लायर आशियाना निवासी मनीष मिश्रा को पकड़ा था। उससे पूछताछ में अलीगढ़ और मेरठ के इनपुट मिले थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने पहले अलीगढ़ सासनी गेट थाना पुलिस के साथ मिलकर नकली दवाओं और इंजेक्शन की पैकिंग फैक्ट्री में छापेमारी की। फैक्ट्री संचालक ब्रह्मणपुरी सासनी गेट अलीगढ़ निवासी अशोक कुमार गुप्ता और गिरधारी लाल गली रामलीला मैदान के पास रहने वाले उसके पार्टनर कमलेंद्र सिंह पुंडीर उर्फ कुक्कू को गिरफ्तार किया। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में दवाओं और इंजेक्शन (नकली) बरामद किए हैं। आरोपित ने पूछताछ में बताया कि वह मेरठ के मोनू कुमार से नकली लेबल, डिब्बों और स्ट्रिप की प्रिटिंग कराता था।

नकली माल तैयार कर लखनऊ के मनीष मिश्रा को बेचता था। क्राइम ब्रांच की दूसरी टीम ने मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में प्रिटिंग फैक्ट्री में छापेमारी करके मोनू को भी गिरफ्तार किया। मोनू विभिन्न कंपनियों की दवाओं के स्ट्रिप और पैकिंग बाक्स की प्रिटिंग का काम करता था। मौके से विभिन्न नामचीन कंपनियों के नकली पैकिंग बाक्स, प्रिटिंग मशीन, स्कैनर, नकली प्रिटिंग स्ट्रिप बरामद हुई है। इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्रियां भी क्राइम ब्रांच के निशाने पर है। पकड़े गए अशोक ने पूछताछ में बताया कि वह गुरुग्राम से इंजेक्शन के खाली वायल खरीद लाता था। उस पर अलग-अलग कंपनियों की लेबिल लगाकर करके बाजार में भेजता था। पुलिस टीम ने गुरुग्राम में वायल सप्लाई करने वाले की तलाश में दबिश दी, मगर वह पहले ही फरार हो गया। उसने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक अलीगढ़ में हुई छापेमारी में अल्ट्रासेट के 46 डिब्बे, टेक्सिमो के 164, डफेस्टान के 39 डिब्बे, यूडीलिव के 18 डिब्बे, डेकाड्यूराबोलीन 32 डिब्बों समेत कई दवा और इंजेक्शन (सभी नकली) बरामद किए हैं। इनकी कीमत 50 लाख रुपये के करीब है। करीब 80-90 लाख का माल प्रिटिंग फैक्ट्री से मिला है।

क्राइम ब्रांच दूसरे राज्यों में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्रियां पकडऩे और नकली माल की बरामदगी के साथ शहर की थोक दवा बाजार पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने थोक दवा बाजार की कुछ दुकानों और फुटकर बिक्री करने वाले कुछ मेेडिकल स्टोरों को चिह्नित किया है।

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