शासनादेश जारी, जिलाधिकारी जिले में लागू करे सेक्टर प्रणाली, शासनादेशों का उल्लंघन होने पर संबंधित जिलाधिकारी और सीएमओ की होगी जवाबदेही


 लखनऊ l मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी जरूरतमंदों को अस्पताल में बेड दिलवाएं। डीएम अपने जिले में सेक्टर प्रणाली लागू करें। क्षेत्रवार सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएं। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व जीवनरक्षक दवाओं को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी जिले में शासनादेशों का उल्लंघन होने पर संबंधित जिलाधिकारी और सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय इस पर लगातार नजर रखेगा।  

मुख्यमंत्री ने ये बातें मंगलवार को टीम-11 के अधिकारियों के साथ वर्चुअली बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में दो-दो सीएचसी को कोविड मरीजों के सेवार्थ समर्पित किया जाए। कोविड हॉस्पिटल के रूप में नए निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बेहतर हो रही है। 64 टैंकर इसी कार्य में लगाये गए हैं। इसके अलावा 20 टैंकर विभिन्न जिलों में सीधे अस्पतालों को आपूर्ति कर रहे हैं। केंद्र सरकार से भी आठ नए टैंकर मिल रहे हैं। इसके अलावा जमशेदपुर से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा रही है।

प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में 32 ऑक्सीजन प्लांट पहले से ही स्थापित हैं। अब 39 और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए आदेश कर दिए गए हैं। पीएम केयर्स के तहत स्थापित कराए जाने वाले ऑक्सीजन प्लांट के सम्बंध में प्रस्ताव भेजे जाएं। लगातार प्रयासों से अब लखनऊ, कानपुर, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर परिक्षेत्रों में ऑक्सीजन की मांग-आपूर्ति और वितरण की स्थिति में संतुलन है। इसे और बेहतर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ क्षेत्रों में प्रभावी इंतजाम करने की जरूरत है। हर मेडिकल कालेज में एक लिक्विड आक्सीजन प्लांट लगे

सीएम ने कहा कि हर मेडिकल कॉलेज में एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और एक एयर सेपरेटर प्लांट स्थापित किया जाए। 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बनाने की कार्ययोजना तैयार करें। सीएचसी पर छोटे ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्तर पर प्रक्रियाधीन ऑक्सीजन प्लांट को तेजी से क्रियाशील कराएं।


फोन पर डॉक्टरी सलाह के लिए हर जिले में पैनल

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों के लिए विशेष टेलीकन्सल्टेशन की व्यवस्था शुरू की जाए। हर जिले में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर इस संबंध में एक अलग पैनल गठित किया जाना चाहिए। टेलीकन्सल्टेशन के लिए हर जिले में दो-तीन फोन नम्बर जरूर हों। मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से इस संबंध में कार्यवाही कराई जाए।

जरूरत के हिसाब से टीके के और आर्डर दिए जाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,19,45,728 वैक्सीन डोज का इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सतत संपर्क बनाए रखा जाए। 50-50 लाख डोज के ऑर्डर दे दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार और आर्डर दिए जाएं। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को और बेहतर करने की जरूरत है। आरआरटी की संख्या बढ़ाएं। इसमें आंगनबाड़ी/आशा कार्यकत्रियों को भी जोड़ा जाए। स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से मेडिकल किट वितरण व्यवस्था की जिलेवार समीक्षा की जाए।

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