पंचायत चुनाव आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ जानिए


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट में कब सुनवाई होगी इस पर अभी संशय बरकरार है। कोर्ट में यूपी पंचायत चुनाव को लेकर जो अर्जी दाखिल की गई है, उसमें कुछ तकनीकी खामियां हैं। नियमों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी की तकनीकी कमियों को दूर करने के बाद ही मामले को किसी सुप्रीम कोर्ट के जज की बेंच में सुनवाई के लिए लगाया जाता है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील दखिल की गई है, जिसमें हाई कोर्ट ने 2015 को आधार बनाकर यूपी में पंचायत चुनाव में आरक्षण देने का आदेश दिया था। साथ ही, 25 मई तक पंचायत चुनाव कराने को कहा था।

हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि उनके पक्ष को हाई कोर्ट में नहीं सुना गया। ऐसे में हाई कोर्ट के फैसले पर विचार किया जाए। हाई कोर्ट के फैसले के बाद नई व्यवस्था से सारे ग्राम पंचायत के समीकरण में बदलाव हो गया है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण तय करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के नई आरक्षण प्रक्रिया को खारिज करने के साथ ही जस्टिस ऋतुराज अवस्थी और जस्टिस मनीष माथुर की बेंच ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 25 मई तक संपन्न कराने के भी आदेश दिए था।

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