Wednesday, March 10, 2021

आज का पंचांग एवँ राशिफल 11 मार्च 2021


 

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 11 मार्च 2021*

⛅ *दिन - गुरुवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2077*

⛅ *शक संवत - 1942*

⛅ *अयन - उत्तरायण*

⛅ *ऋतु - वसंत*

⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)*

⛅ *पक्ष - कृष्ण* 


⛅ *तिथि - त्रयोदशी दोपहर 02:39 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*

⛅ *नक्षत्र - धनिष्ठा रात्रि 09:45 तक तत्पश्चात शतभिषा*

⛅ *योग - शिव सुबह 09:25 तक तत्पश्चात सिद्ध*

⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:18 से दोपहर 03:48 तक* 

⛅ *सूर्योदय - 06:52* 

⛅ *सूर्यास्त - 18:45* 

⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - महाशिवरात्रि व्रत, रात्रि - जागरण शिव - पूजन (निशीथकाल : रात्रि 12:24 से 01:13 तक) (प्रहर :- प्रथम : शाम 06:46 से, द्वितीय : रात्रि 09:47 से, तृतीय : मध्यरात्रि 12:48 से, चतुर्थ : 12 मार्च प्रातः 03:49 से), हरिद्वार कुंभ पहला शाही स्नान*

 💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाना मन होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *शिवरात्रि* 🌷

🙏🏻 *वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए,लेकिन शिवरात्रि(11 मार्च, गुरुवार)का दिन कुछ खास है। यह दिन भगवान शिवजी का विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है मनोकामना पूरी होती है। धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार,अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए किस धातु के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है।*

1⃣ *सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है ।*

2⃣ *मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है।*

3⃣ *हीरे से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है ।*

4⃣ *पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ।*

5⃣ *स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं ।*

6⃣ *नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है ।*

7⃣ *चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है ।*

8⃣ *ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है ।*

9⃣ *लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है ।*

🔟 *आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है ।*

1⃣1⃣ *मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख प्राप्त होते हैं ।*

1⃣2⃣ *गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है ।*

        🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 🌷

🙏🏻 *फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 11 मार्च, गुरुवार को है। ज्योतिष के अनुसार,जिन लोगों को कालसर्प दोष है,वे यदि इस दिन कुछ विशेष उपाए करें तो इस दोष से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।*

➡ *कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है,इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किनया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाए हैं। यदि आप जानते हैं कि आपकी कुंडली में कौन का कालसर्प दोष है तो उसके अनुसार आप महाशिवरात्रि पर उपाए कर सकते हैं। कालसर्प दोष के प्रकार व उनके उपाए इस प्रकार हैं-*

 🐍 *1.अनन्त कालसर्प दोष* 

 *-अनन्त कालसर्प दोष होने पर शिवरात्रि पर एकमुखी,आठमुखी अथवा नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।*

 *-यदि इस दोष के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है,तो महाशिवरात्रि पर रांगे(एक धातु)से बना सिक्का नदी में प्रवाहित करें।*

🐍 *2.कुलिक कालसर्प दोष* 

*-कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें।*

*-चांदी की ठोस गोली बनवाकर उसकी पूजा करें और उसे अपने पास रखें।*

🐍 *3. वासुकि कालसर्प दोष* 

*- वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें।*

*- महाशिवरात्रि पर लाल धागे में तीन, आठ या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।*

🐍 *4. शंखपाल कालसर्प दोष*

*- शंखपाल कालसर्प दोष के निवारण के लिए 400 ग्राम साबुत बादाम बहते जल में प्रवाहित करें।*

*- महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें।*

🐍 *5. पद्म कालसर्प दोष*

*- पद्म कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सरस्वती चालीसा का पाठ करें।*

*- जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं।*

🐍 *6. महापद्म कालसर्प दोष*

*- महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें।*

*- महाशिवरात्रि पर गरीब, असहायों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें।*

🐍 *7. तक्षक कालसर्प दोष*

*- तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें।*

*- सफेद कपड़े और चावल का दान करें।*

🐍 *8. कर्कोटक कालसर्प दोष*

*- कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर उन्हें दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें।*

*- महाशिवरात्रि पर शीशे के आठ टुकड़े नदी में प्रवाहित करें।*

🐍 *9. शंखचूड़ कालसर्प दोष*

*- शंखचूड़ नामक कालसर्प दोष की शांति के लिए महाशिवरात्रि की रात सोने से पहले सिरहाने के पास जौ रखें और उसे अगले दिन पक्षियों को खिला दें।*

*- पांचमुखी, आठमुखी या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।*

 🐍 *10. घातक कालसर्प दोष*

*- घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें।*

*- चार मुखी, आठमुखी और नौ मुखी रुद्राक्ष हरे रंग के धागे में धारण करें।*

🐍 *11. विषधर कालसर्प दोष*

*- विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।*

*- महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के मंदिर में जाकर यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें।*

 🐍 *12. शेषनाग कालसर्प दोष*

*- शेषनाग कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में थोड़े से बताशे व सफेद फूल बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह उन्हें नदी में प्रवाहित कर दें।*

*- महाशिवरात्रि पर गरीबों को दूध व अन्य सफेद वस्तुओं का दान करें।*

        🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *महाशिवरात्रि* 🌷

🙏🏻 *अर्ध रात्रि की पूजा के लिये स्कन्दपुराण में लिखा है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को 'निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तयः शूलभृद यतः । अतस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत् ॥' अर्थात् रात्रिके समय भूत, प्रेत, पिशाच, शक्तियाँ और स्वयं शिवजी भ्रमण करते हैं; अतः उस समय इनका पूजन करने से मनुष्य के पाप दूर हो जाते हैं । शिवपुराण में आया है “कालो निशीथो वै प्रोक्तोमध्ययामद्वयं निशि ॥ शिवपूजा विशेषेण तत्काले ऽभीष्टसिद्धिदा ॥ एवं ज्ञात्वा नरः कुर्वन्यथोक्तफलभाग्भवेत्” अर्थात रात के चार प्रहरों में से जो बीच के दो प्रहर हैं, उन्हें निशीधकाल कहा गया हैं | विशेषत: उसी कालमें की हुई भगवान शिव की पूजा अभीष्ट फल को देनेवाली होती है – ऐसा जानकर कर्म करनेवाला मनुष्य यथोक्त फलका भागी होता है |*

🙏🏻 *चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं। अत: ज्योतिष शास्त्रों में इसे परम कल्याणकारी कहा गया है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने में आती है। परंतु फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। शिवरहस्य में कहा गया है ।*

🌷 *“चतुर्दश्यां तु कृष्णायां फाल्गुने शिवपूजनम्। तामुपोष्य प्रयत्नेन विषयान् परिवर्जयेत।। शिवरात्रि व्रतं नाम सर्वपापप्रणाशनम्।”*

🙏🏻 *शिवपुराण में ईशान संहिता के अनुसार “फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भूत: कोटिसूर्यसमप्रभ:॥” अर्थात फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में आदिदेव भगवान शिव करोडों सूर्यों के समान प्रभाव वाले लिंग रूप में प्रकट हुए इसलिए इसे महाशिवरात्रि मानते हैं।*

🙏🏻 *शिवपुराण में विद्येश्वर संहिता के अनुसार शिवरात्रि के दिन ब्रह्मा जी तथा विष्णु जी ने अन्यान्य दिव्य उपहारों द्वारा सबसे पहले शिव पूजन किया था जिससे प्रसन्न होकर महेश्वर ने कहा था की “आजका दिन एक महान दिन है | इसमें तुम्हारे द्वारा जो आज मेरी पूजा हुई है, इससे मैं तुम लोगोंपर बहुत प्रसन्न हूँ | इसीकारण यह दिन परम पवित्र और महान – से – महान होगा | आज की यह तिथि ‘महाशिवरात्रि’ के नामसे विख्यात होकर मेरे लिये परम प्रिय होगी | इसके समय में जो मेरे लिंग (निष्कल – अंग – आकृति से रहित निराकार स्वरूप के प्रतीक ) वेर (सकल – साकाररूप के प्रतीक विग्रह) की पूजा करेगा, वह पुरुष जगत की सृष्टि और पालन आदि कार्य भी कर सकता हैं | जो महाशिवरात्रि को दिन-रात निराहार एवं जितेन्द्रिय रहकर अपनी शक्ति के अनुसार निश्चलभाव से मेरी यथोचित पूजा करेगा, उसको मिलनेवाले फल का वर्णन सुनो | एक वर्षतक निरंतर मेरी पूजा करनेपर जो फल मिलता हैं, वह सारा केवल महाशिवरात्रि को मेरा पूजन करने से मनुष्य तत्काल प्राप्त कर लेता हैं | जैसे पूर्ण चंद्रमा का उदय समुद्र की वृद्धि का अवसर हैं, उसी प्रकार यह महाशिवरात्रि तिथि मेरे धर्म की वृद्धि का समय हैं | इस तिथिमे मेरी स्थापना आदि का मंगलमय उत्सव होना चाहिये |*

🙏🏻 *तिथितत्त्व के अनुसार शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास की प्रधानता तथा प्रमुखता है क्योंकि भगवान् शंकर ने खुद कहा है - “न स्नानेन न वस्त्रेण न धूपेन न चार्चया। तुष्यामि न तथा पुष्पैर्यथा तत्रोपवासतः।।” 'मैं उस तिथि पर न तो स्नान, न वस्त्रों, न धूप, न पूजा, न पुष्पों से उतना प्रसन्न होता हूँ, जितना उपवास से।'*

🙏🏻 *स्कंदपुराण में लिखा है “सागरो यदि शुष्येत क्षीयेत हिमवानपि। मेरुमन्दरशैलाश्च रीशैलो विन्ध्य एव च॥ चलन्त्येते कदाचिद्वै निश्चलं हि शिवव्रतम्।” अर्थात् ‘चाहे सागर सूख जाये, हिमालय भी क्षय को प्राप्त हो जाये, मन्दर, विन्ध्यादि पर्वत भी विचलित हो जाये, पर शिव-व्रत कभी निष्फल नहीं हो सकता।’ इसका फल अवश्य मिलता है।*

🙏🏻 *‘स्कंदपुराण’ में आता है “परात्परं नास्ति शिवरात्रि परात्परम् | न पूजयति भक्तयेशं रूद्रं त्रिभुवनेश्वरम् | जन्तुर्जन्मसहस्रेषु भ्रमते नात्र संशयः||” ‘शिवरात्रि व्रत परात्पर (सर्वश्रेष्ठ) है, इससे बढ़कर श्रेष्ठ कुछ नहीं है | जो जीव इस रात्रि में त्रिभुवनपति भगवान महादेव की भक्तिपूर्वक पूजा नहीं करता, वह अवश्य सहस्रों वर्षों तक जन्म-चक्रों में घूमता रहता है |’*

🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एकादशी को अन्न खाने से पाप लगता है और शिवरात्रि, रामनवमी तथा जन्माष्टमी के दिन अन्न खाने से दुगना पाप लगता है। अतः महाशिवरात्रि का व्रत अनिवार्य है।*



मेष 

आज का दिन आपके लिए सफलता दायक रहेगा। आज आपको एक के बाद एक अपने हर काम में सफलता हासिल होगी, जिससे आपका हौसला भी सातवें आसमान पर होगा, लेकिन शाम के समय सेहत में कुछ गिरावट हो सकती है, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विद्यार्थियों को शिक्षा के अध्ययन के लिए कुछ नई किताबें खरीदनी पड़ सकती हैं। संतान के भविष्य को लेकर आज आप थोड़े चिंतित हो सकते हैं। दिन का कुछ समय आप अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की सेवा में व्यतीत करेंगे।

वृष 

आज का दिन आपको अपने अधूरे कार्यों को पूरा करना ही पड़ेगा क्योंकि आपके पास कोई और समाधान नहीं होगा। आज आलस्य का त्याग करना पड़ेगा। आपकी सामाजिक पद व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। यदि जीवन साथी के साथ कुछ समय से विवाद चल रहा था, तो वह आज समाप्त होगा, जिससे परिवार के सभी सदस्य खुश नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन शाम के समय आपके कुछ शत्रु प्रबल नजर आएंगे, इसलिए सावधानी बरतें 

मिथुन 

आज का दिन आपके लिए भागदौड़ भरा रहेगा। कुछ तो संतान के कैरियर के लिए आप विशेष रूप से भाग दौड़ कर सकते हैं, जो लोग विदेश से व्यापार करते हैं, उनको आज विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है। आप अपने लिए कुछ समय निकालने की सोचेंगे, लेकिन ऐसा संभव नहीं होगा। आज आप जीवन साथी के शृंगार की कोई वस्तु उन्हे भेंट कर सकते हैं। माता-पिता का आशीर्वाद आज आपको प्राप्त होगा।

कर्क

आज का दिन आपके लिए कानून के पचड़े में रहने का होगा। यदि आपका कोई कानूनी मामला चल रहा था, तो वह आज फिर से सिर उठाएगा, जो आपकी परेशानी का कारण बन सकता है। धन कोष में भी आज कमी आएगी। व्यापार कर रहे लोगों के लिए आज नगद धन की कमी हो सकती है। नौकरी व व्यवसाय में लगे लोगों को आज तरक्की मिलेगी। विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए कड़ा परिश्रम करना होगा।

सिंह 

आज आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कहीं घूमने फिरने का प्लान बना सकते हैं, जिससे परिवार के सदस्य खुश नजर आएंगे, लेकिन इसमें आपका धन व्यय अधिक होगा। आपके मान पद व प्रतिष्ठा में आज वृद्धि होगी। ससुराल पक्ष से संबंध मजबूत होंगे। मित्रों के लेन देन से बचना होगा, नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है। जीवनसाथी आज आपके फैसले में पूरा साथ देंगे। बाहर का खाने पीने से आज परहेज रखें।

कन्या 

आज आप कोई नया जरूरी सामान अपने घर ला सकते हैं, जिसके लिए आप बहुत समय से इंतजार में थे। आज वह दिन आ गया है। आज आप अपनी आर्थिक स्थिति पर नजर डालेंगे, तो आपको अपने भविष्य की चिंता होगी। संतान से कोई शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। आज आपके भाई की सलाह से आपके बिजनेस को नई जान मिलेगी। आप अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा चिंतित रहेंगे।

तुला 

आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहेगा, लेकिन आज आपको किसी के भी मामले में टांग नहीं आ अढ़ानी है, नहीं तो वह मामला आपके सिर पर आ सकता है, जो आपकी परेशानी का कारण बन सकता है। आज आपका अपनी माताजी से कोई विवाद हो सकता है, लेकिन संयम रखें। विद्यार्थियों को अच्छे परीक्षा परिणाम प्राप्त होंगे। शाम का समय आप अपने पास पड़ोस के लोगों के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम में व्यतीत करेंगे।

वृश्चिक 

सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए आज दिन उत्तम रहेगा क्योंकि उनको नए-नए अवसर प्राप्त होंगे। आपके पारिवारिक बिजनेस के लिए आज आपको किसी की सलाह की आवश्यकता होगी, लेकिन सलाह ऐसे व्यक्ति से लें जो अनुभवी हो। आपकी संतान को आज कोई शारीरिक कष्ट हो सकता है, जो आपकी परेशानी बन सकता है। यदि आप लंबे समय से कोई संपत्ति खरीदने का प्लान बना रहे हैं थे, तो वह आज पूरा होगा।

धनु 

आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा। आप आज कुछ भी करके अपनी आर्थिक स्थिति में वृद्धि करेंगे, जिसे देख आप व आपके परिवार के सदस्य प्रसन्न नजर आएंगे, इसलिए छोटे बच्चे आज आपसे कोई फरमाइश कर सकते हैं। पुत्र या पुत्री के विवाह से संबंधित कोई मामला आज फिर उठ सकता है। जीवनसाथी आज आपसे कहीं घूमने फिरने की बात कर सकता है। प्रेम जीवन सुदृढ़ होगा। पढ़ाई में मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

मकर 

आज आप अपने घर में दैनिक जरूरतों के लिए कुछ खरीदारी कर सकते हैं, जिससे आपकी जेब का बोझ बढ सकता है। रोजगार के क्षेत्र में प्रयास कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। विदेशी व्यापार चरम पर होगा। आज रुका हुआ धन आपको कहीं से प्राप्त हो सकता है, जिसे देखकर मन में हर्ष होगा। ससुराल पक्ष से संबंधों में आज दरार आ सकती है, इसलिए वाणी पर संयम रखें।

कुंभ 

आज आप अपनी संतान के लिए कोई उपहार ला सकते हैं, जिससे आपका मान सम्मान और बढ़ेगा। सामाजिक, पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में शत्रुओं से सावधान रहें, क्योंकि वह आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। आज किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी, जिससे बातचीत करके आपको खुशी मिलेगी। व्यवसाय के लिए जीवनसाथी की सलाह की आवश्यकता होगी। आज अपने माता-पिता की सेवा का सहयोग प्राप्त होगा।

मीन 

यदि आप साझेदारी में व्यापार करने की सोच रहे हैं, तो आज दिन उत्तम है। भविष्य में आपको भरपूर साथ मिलेगा। संतान के भविष्य की चिंता आज समाप्त होगी। संतान को धर्म-कर्म के कार्यों में जुटा देख मन मे हर्ष होगा। आज आप किसी मित्र की मदद भी कर सकते हैं। आज आपको अपने भाई बहनों की साथ की आवश्यकता होगी। जीवन साथी से आपकी माताजी का कोई वैचारिक मतभेद हो सकता है, लेकिन परेशान ना हो। शाम तक सब ठीक हो जाएगा।


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं


दिनांक 11 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। 

 

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29   

 

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92  



  

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036

 

ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव


 

शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे 

 

कैसा रहेगा यह वर्ष

किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी। लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी।

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