ज्योतिष के संकेत : 15 फरवरी के बाद किसान आंदोलन का पाला पलटेगा


 मुजफ्फरनगर । गुरु अस्त सरकार पस्त विपक्ष मस्त। 

ग्रह नक्षत्रों के खेल देखिए... लाल किले में घुसकर उत्पातियों ने तिरंगे का अपमान किया। सरकार देशद्रोह की FIR करके वार्ता कर रही है। छाती_पर_मूंग_दलने वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी, उसे चरितार्थ होते हुए भी देखना पड़ेगा। वार्ता का यह दौर अभी चलता रहेगा। ग्रहों के योग कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। 13 फरवरी तक गुरु अस्त हैं तब तक सरकार को दबना ही पड़ेगा। 14 को गुरु महाराज सूर्य के ताप से मुक्त होंगे और सूर्य भी कुंभ राशि पर जाकर अपनी सिंह राशि को देखते हुए सत्ता को मजबूती दे पाएंगे।

ध्यान रहे कि मोदी जी का कुंडली में वृश्चिक राशि है। अर्थात सत्ता को ताकत तभी मिल पाएगी जब सूर्य (राजा) सिंह राशि को पूर्ण दृष्टि से देखें। 15 के बाद सरकार को मजबूती मिलने लगेगी और 17 फरवरी को शुक्र भी अस्त हो जाएंगे। शुक्र के अस्त होने से आंदोलन को पीछे से हवा देने वाले राजनीतिज्ञों की स्थिति कमजोर होने लगेगी।  तभी राहु जनित (वाह्य शक्तियों की) ताकत क्षीण होगी। राहु अभी फिलहाल अपने आचार्य शुक्र महाराज की वृष राशि पर बैठकर उच्च ताकत हासिल किए हुए है।  17 के बाद भी गुरु की वृष राशि और राहु पर पूरी दृष्टि रहेगी, परंतु यही दृष्टि तब विपरीत दिशा में काम करने लगेगी। अर्थात कथित किसान नेता उस समय भस्मासुर की भूमिका में आ जाएंगे और इन्हें अब तक जिनसे आशीर्वाद मिला हुआ है उन पर ही यह उलटवार शुरू कर देंगे। तब खेल बड़ा मजेदार होने वाला है। देखते जाइए, इसी महीने यह खेल पैंतरा बदलेगा क्रिकेट मैच की तरह.. फरवरी के तीसरे/ चौथे हफ्ते में ग्रह नक्षत्रों की पिच टर्न लेने लगेगी। आप वन-डे मैच या 20-20 का मजा लेना चाहते हैं लेकिन ध्यान रहे कि नियति आपको टेस्ट मैच का मजा देना चाहती है। पं अक्षय शर्मा 

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