काशी से आए संतों का शुकतीर्थ में सम्मान



मुजफ्फरनगर। श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानन्द सरस्वती ने कहा कि शुकतीर्थ संतों की तपोभूमि है।

शुकतीर्थ में भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में वाराणसी से पधारे संत-महात्माओं ने अक्षय वट और श्री शुकदेव मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के संग्रहालय का अवलोकन कर उन्होंने संत की पावन स्मृति को नमन किया। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज द्वारा संतों का सम्मान किया गया। शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानन्द सरस्वती ने कहा कि शुकतीर्थ सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। श्री मद्भागवत की उद्गम स्थली मानव समाज की पथ प्रदर्शक है। ऋषियों ने विश्व को शांति, मानवता, परोपकार, सेवा, त्याग और सादगी की राह दिखाई है। अखिल भारतीय दंडी समाज, वाराणसी के अध्यक्ष श्री विमलदेव महाराज ने कहा कि पौराणिक तीर्थ देश की सनातन संस्कृति के स्वरुप है। शुकतीर्थ का जीर्णोद्धार वीतराग स्वामी कल्याणदेव की राष्ट्र को अमूल्य देन है। मुमुक्ष भवन काशी के स्वामी अखण्डानन्द तीर्थ, पुष्कर के स्वामी श्रवनदेव महाराज, कथा व्यास ब्रज भूषण देव और आचार्य ध्रुवदेव दत्त आदि ने स्वामी ओमानंद महाराज से धर्म चर्चा की। ज्योतिषाचार्य राम स्नेही, भागवत प्रवक्ता आशीष माधव शास्त्री, राजू उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

---------------------------------

Comments

Popular posts from this blog

शुक्र बदल रहे हैं राशि : जानिए आपकी राशि पर प्रभाव

यूपी में 19 से जूनियर और 1 दिसंबर से प्राइमरी स्कूल खुलेंगे

यू पी में आड. इवन की तर्ज पर खुलेंगे बाजार, सरकार ने हाईकोर्ट में कहा