मरीजों की घर पर चिकित्सा करेंगे चिकित्सक


मुजफ्फरनगर । जनपद में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कोरोना व नान कोरोना मरीजों के लिए अपने पेनल के नम्बर जारी करेगी। 

आज केन्द्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान की पहल पर व अशोक बालियान, चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के समन्वय से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की एक जूम विडियो मीटिंग शाम पांच बजे सम्पन्न हुई है।कोरोना मरीजों के लिए प्राथमिक राय देने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) व् प्राइवेट स्पेशलिस्ट चिकित्सक भी अपनी स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। इसके साथ ही एक्सपर्ट पैनल बनाया जा रहा है।

     इस जूम विडियो मीटिंग में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चेयरमैन डॉ एम एल गर्ग, सचिव डॉ अनुज कुमार, डॉ देवेन्द्र मलिक, डॉ निशा मलिक, डॉ राकेश खुराना, डॉ आर एन त्यागी, डॉ ईश्वर चंद्रा, डॉ अनिल कक्कड़, डॉ रविन्द्र जैन, डॉ हेमंत कुमार शामिल थे।  

    इस मीटिंग में इंडियन मेडिकल एसोसिशन (आईएमए) ने लोगों की मदद के लिए हर रोग के विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम बनाने की बात कही है। ये डॉक्टर जनपद के लोगों को रोजाना दो घंटे फोन पर मेडिकल सलाह देंगें। क्योकि कोविड 19 व् लॉकडाउन के चलते लोगों को डॉक्टरी सलाह मिलना काफी मुश्किल हो गया है। इन डॉक्टकरों के नाम और मोबाइल नम्बनर सोशल मिडिया पर दिये जायेगे। यह सुविधा अभी एक हफ्ते की अवधि में जारी रहेगी। और बाद में समीक्षा के बाद आगे जारी रखी जा सकती है।   

     कोविड 19 के इलाज के लिए यह बात जानना बेहद ज़रूरी हैं कि हर किसी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। अस्पताल के भारी भरकम बिल से निजात पाने और होम आइसोलेशन में आप सबकुछ ठीक से कर रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी रखने के लिए प्राइवेट अस्पताल होम केयर की शुरूआत कर सकते है।  

     मीटिंग में इस बात पर भी विचार किया कि जनपद मुज़फ्फरनगर में होम केयर पैकेज पैड व् फ्री दोनों तरह के पेशेंट के लिए बनाया जा सकता है, इसमें समय निश्चित हो सकता है। यह होम केयर पैकेज पैड पेशेंट को भी सस्ता पड़ेगा और आसानी से घर बैठ डॉक्टर और नर्स की निगरानी में ये अपना इलाज भी करा सकेंगें। और इससे अस्पताल में बेड कम होने की शिकायतें भी दूर होंगी । 

    लेकिन इस होम केयर सुविधआ को कोई तभी ले सकता है जब मरीज़ का टेस्ट पॉज़िटिव आया हो, उसके तुरंत बाद डॉक्टर जांच कर ये पता लगाते हैं कि क्या मरीज़ का होम आइसोलेशन में रहना, उसकी सेहत के हिसाब से सही है या नहीं।

      अगर मरीज़ को सांस लेने में ज्यादा तक़लीफ हो रही हो, ऑक्सीज़न लेवल कम हो रहा हो, बुख़ार तेज़ हो और उतर ना रहा हो, उस सूरत में होम केयर पैकेज काम नहीं आ सकता। उस समय कोविद होस्पिटल की सहायता लेनी होगी। इस बात पर भी चर्चा हुई कि अगर कोई और किट की आवश्यकता होती है, जैसे पल्स ओक्सीमीटर या बीपी मापने की मशीन, तो वो भी मरीज़ के घर तक डिलीवरी से पहुँचाई जा सकती है।

    इस कार्य में केन्द्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान की जनपद में यह एक अच्छी पहल है। इसके परिणाम  अच्छे आने की उम्मीद है। केन्द्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन

को हर तरह की सहायता देने व् उनके साथ समन्वय रखने की बात कहते हुए सभी को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया।

Comments

Popular posts from this blog

राज्य कर्मचारियों को भी मिलेगा बढा महंगाई भत्ता

डीएम सेल्वा कुमारी जे का तबादला, मनीष बंसल होंगे नये डीएम!

रालोद और भाकियू के नाम पर हुडदंग करने वालों पर लाठीचार्ज, पांच गिरफ्तार