पंचायत आरक्षण को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती से फिर खलबली

नई दिल्ली। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज जारी पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची  को लेकर लखनऊ हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दाखिल किए जाने से एक बार फिर दावेदारों में खलबली मच गई है।

उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट के आदेश पर आरक्षण परिवर्तन के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 2015 को आधार वर्ष मानने के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है। लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता अमित कुमार सिंह भदौरिया के मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की। नई सूची में आरक्षण में बडा उलटफेर होने के बाद आशंकित उम्मीदवारों की निगाह अब सुप्रीम कोर्ट पर जा टिकी है।

चंुनाव को लेकर जिन जिलों में आज  सूची जारी की गई, उनमें बस्ती और लखीमपुर खीरी के अलावा  रामपुर, अमरोहा,  बलिया, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, रायबरेली, वाराणसी, संभल, हापुड़, कानपुर फिरो जाबाद, मैनपुरी,  एटा, कासगंज, मथुरा,  आगरा, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, गोरखपुर, मुरादाबाद,हरदोई, औरैया, बांदा, चित्रकूट, महोबा, झांसी, उरई, अमेठी, उन्नाव, इटावा, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद और कन्नौज आदि शामिल हैं। जिन जिलों में आज नहीं जारी हो पाएंगी, वहां रविवार को सूची जारी कर दी जाएगी।

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