मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में सेमीनार संपन्न

मुजफ्फरनगर । मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर कैंपस में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के महाप्रबंधक डॉ अरशद इकबाल ने बताया कि इस प्रोग्राम में आई एम ए मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष डॉक्टर एम एल गर्ग और सचिव डॉ अनुज महेश्वरी, मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य: प्रोफेसर ब्रिगेडियर जी एस मनचंदा, महक बाजपाई और डॉक्टर सागर आनंद मुख्य रूप से मौजूद थे।

आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर एम एल गर्ग ने फरमाया कि कोरोना के इस दौर में बीते कुछ दिन पहले देश भर में करीब 10 लाख डॉक्टर दिनभर की हड़ताल पर चले गए हालांकि कोरोना मरीजों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को इस हड़ताल से बाहर रखा गया था लेकिन असामान्य चुनौतियों से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाओं पर 12 घंटे की बंदी का कितना गंभीर असर पड़ा होगा यह आसानी से समझा जा सकता है। इस हड़ताल की वजह 19 दिसंबर को केंद्र सरकार द्वारा जारी वह नोटिफिकेशन है जिसमें आयुर्वेद के डॉक्टरों को भी सर्जरी करने की इजाजत दे दी गई है।

आईएमए के सेक्रेटरी डॉ अनुज माहेश्वरी ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इस नोटिफिकेशन को घातक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं उनका कहना है दोनों पद्धतियों को एक जैसा बताने की यह जाने अनजाने कोशिश न केवल आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है बल्कि आगे चलकर यह आधुनिक चिकित्सा शास्त्र के लिए भी मारक सिद्ध होगी। महक वाजपेई ने बताया कि आयुर्वेदिक हाला की सर्जरी शल्य चिकित्सा को सुश्रुत संहिता से जोड़ते हुए अपनी ही धारा की चीज बताता है अंततः दो पौथियुं को एक में मिला देने से खतरे बढ़ेंगे और इसका दुष्परिणाम समाज को उठाना पड़ेगा।

मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रिगेडियर जी एस मनचंदा ने बताया इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट्स नेटवर्क कि यह अच्छी पहल है और लोगों के लिए जानकारी दिए कि कोरोनावायरस चल रहा है लेकिन अब आम ओपीडी, आम इलाज लोगों के लिए खोल दिया गया है अतः अपने मरीजों को मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में ओपीडी और इलाज के लिए भेजा जाए। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के महाप्रबंधक डॉ अरशद इकबाल ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी में एंजियोग्राफी, एंजोप्लास्टिक, स्टैंडिंग डॉक्टर सज्जाद मंजूर और डॉक्टर विशाल वीरेंद्र सिंह द्वारा सफलतापूर्वक की जा रही है। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के निदेशक राघव शाहरुख ने बताया कीर ट्रूनेट और rt-pcr की टेस्ट मेडिकल कॉलेज में भी की जा रही है और आधुनिक तरीके से सफलतापूर्वक कोरोना की जो की इलाज की जा रही है।

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