बुधवार, 11 नवंबर 2020

धनतेरस के ये चमत्कारी उपाय कर देंगे माला माल


धनतेरस का पर्व माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, धन के देवता कुबेर, और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरी को प्रसन्न करने का पर्व है। इस दिन किए जाने वाले उपाय अचूक होते हैं। स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए कुछ चमत्कारी उपाय करने से ना केवल धन के देवता कुबेर माला माल करेंगे, बल्कि आरोग्य के साथ साल भर आपके धन-धान्य के भंडार भरे रहेंगे।


धनतेरस पर पूजा की सामग्री के लिए तांबूल यानी पान का इस्तेमाल करना चाहिए, ऐसा शास्त्रों में बताया गया है। पान के पत्ते में देवीदेवताओं का वास माना जाता है। इसलिए धनतेरस और दीपावली की पूजा में इसका इस्तेमाल शुभ माना गया है। क्योंकि पान के पत्तों से ही किसी भी पूजन का संकल्प किया जाता है।


दीपावली का आरंभ धनतेरस के दिन से माना जाता है और इसी दिन से दीपदान किया जाता है। इस दिन 5 रुपए के दीप खरीद कर लाएं और घर से बाहर दीप मालिका जलाएं। इससे यमदेव प्रसन्न होते हैं, जिससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।


धनतेरस की पूजा में सुपारी का भी इस्तेमाल किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सुपारी को ब्रह्मदेव, वरूण देव, यमदेव और इंद्रदेव का प्रतीक माना जाता हैपूजा के बाद सुपारी को तिजोरी या अलमारी में रखना शुभ माना गया है। इससे आपके जीवन में कभी समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती है।


आर्थिक समस्या दूर करने के लिए धनतेरस के दिन पांच रूपए का साबुत धनिया खरीद कर लाएं। साबुत धनिया को महालक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि के चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद भगवान के सामने अपनी मांग रखें और फिर धनिए को अपने बगीचे में बो दें और कुछ को तिजोरी में लाल कपड़े में बांधकर रख दें।


सनातन धर्म में होने वाले सभी शुभ कार्यों में बताशा का प्रयोग किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, बताश माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय भोग है। मां की हर पूजा में बताशे का प्रयोग किया जाता है। धनतेरस और दिवाली की पूजा में सच्चे मन से महालक्ष्मी को बताशे का भोग लगाएं। बताशे का संबंध भी चंद्रमा से है, इसलिए धनतेरस पर बताशा माता लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है।


धनतेरस के दिन कपूर से माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर के साथ भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, कूपर से मन शांत होता है पूजा स्थल पवित्र हो जाता है। कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में आती है। जिससे माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं। साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।


लक्ष्मी पूजन के लिए खील का प्रयोग करना चाहिए, इसलिए धनतेरस के दिन पांच रूपए के खील खरीद लें। इसके बाद दीपावली के दिन खील से माता लक्ष्मी की पूजा करें और इसे अगले दिन मछलियों को खिला दें या पोटली बनाकर  स्टोर रूम में रख दें। इससे सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी।


घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें साथ ही दिए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। दीये को रखने के स्‍थान पर एक बात का जरूर ध्‍यान रखें कि दीपक को सीधे धरती पर न रखें। पहले चावल की थोड़ी सी ढेरी लगाएं और फिर दीए को उस ढेरी पर रखें।
 
घर के तेल का दीपक प्रज्वलित करें तथा उसमें दो काली गुंजा डाल दें। उसके बाद गंधक आदि सामग्री से पूजन करके घर के मुख्य द्वार पर अन्न की ढेरी पर दीया रख दें। साल भर आर्थिक अनुकूलता बनी रहेगी। स्मरण रहे वह दीप रातभर जलते रहना चाहिए, बुझना नहीं चाहिए। दीपावली के दिन रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है। 


दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलाएं, तो आपको परिवार की तीनों तापों से रक्षा होती है। हर अमावस्या को पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं, और अच्छी आत्माएं घर में जन्म लेती हैं।
 
नूतन वर्ष के दिन यानी दीपावली के अगले दिन गाय के खुर की मिट्टी से, अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी। दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलाएं, तो बहुत शुभ माना जाता है।


उल्लू तस्वीर को धनतेरस के दिन तिजोरी या अलमारी में जहां धन रखते हैं वहां चिपका दें। ऐसी मान्यता है कि देवी लक्ष्मी का वाहन उल्लू नकारात्मक उर्जा का नाश करता है। उल्लू की तस्वीर धन स्थान में होने से धन का आगमन बढ़ता है और घर में बरकत आती है।


धनतेरस और दीपावली के दिन रसोई में जो भी भोजन बना हो, सर्वप्रथम उसमें से गाय के लिए कुछ भाग अलग कर दें। ऐसा करने से घर में स्थिर लक्ष्मी का निवास होगा।


धनतेरस के दिन किसी भी मंदिर में केले के दो पौधे लगाएं। इन पौधों की समय-समय पर देखभाल करते रहें। इनके बगल में कोई सुगंधित फूल का पौधा लगाएं। केले का पौधा जैसे-जैसे बड़ा होगा, आपके आर्थिक लाभ की राह प्रशस्त होगी।


धनतेरस पर यदि पूजा के समय किसी ऐसे स्थान की मिट्टी जहां मोर नाचा हो लाकर और पूजा करें। इस मिट्टी को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से घर पर हमेशा लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। 


धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन के बाद लक्ष्मी या किसी भी देवी को लौंग अर्पित करें। यह काम दीपावली के दिनों में रोज करें। आर्थिक लाभ होता रहेगा।
 
धनतेरस के दिन किसी किन्नर को धन दान करें और उसमें से कुछ रुपए वापस अनुरोध करके प्राप्त कर लें। इन रुपयों को सफेद कपड़े में लपेटकर कैश तिजोरी में रख लें, लाभ होगा।


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